नारायणपुर में बस्तर पण्डुम के मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 351 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात
रायपुर, 30 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर के नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर जिलेवासियों को अनेक विकासात्मक सौगातें दीं। इस दौरान हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की लागत से 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक अब समाप्ति की ओर है और इसके साथ ही विकास को नई गति मिल रही है। माओवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब यहां नवाचार, अधोसंरचना और सामाजिक परिवर्तन की स्पष्ट झलक दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के अनुरूप प्रदेश सरकार माओवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयासरत है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के 400 से अधिक गांवों तक शासन की योजनाओं और विकास गतिविधियों की पहुंच सुनिश्चित हुई है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण देकर उन्हें आजीविका के साधनों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने पर्यटन विकास, खेती-बाड़ी, पशुपालन और स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों के संरक्षण के उद्देश्य से बस्तर पण्डुम जैसे आयोजनों की महत्ता को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
332 करोड़ के छह बड़े निर्माण कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 332 करोड़ रुपये की लागत वाले छह महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की घोषणा की। इनमें प्रमुख रूप से नारायणपुर के ओरछा–आदेर–लंका–बेदरे–कुटरूमैमेड मार्ग (125 किमी) शामिल है, जिसकी लागत 250 करोड़ रुपये है। यह मार्ग नारायणपुर को बीजापुर जिले से जोड़ते हुए ईदवाया, एडजुम, आदेर, कुड़मेल, ढोढरीबेड़ा, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा और लंका जैसे अंदरूनी गांवों को जोड़ेगा।
इसके अतिरिक्त राजनांदगांव–बैलाडिला मार्ग पर 28 किमी लंबाई के सतह मजबूतीकरण कार्य (34 करोड़ रुपये) तथा नारायणपुर–सोनपुर–मरोड़ा मार्ग पर 28 किमी सतह मजबूतीकरण (34 करोड़ 12 लाख रुपये) की घोषणा की गई, जो जिले को महाराष्ट्र सीमा से जोड़ेगा।
ब्रेहबेड़ा–कंदाड़ी–कीहीकाड़–मुरनार–बेचा मार्ग पर घुड़साल नाला में 80 मीटर लंबा उच्चस्तरीय सेतु एवं पहुंच मार्ग (12 करोड़ 42 लाख रुपये) स्वीकृत किया गया। साथ ही अबुझमाड़ क्षेत्र के 10 वैकल्पिक प्राथमिक विद्यालयों के स्कूल सेटअप एवं भवन निर्माण तथा तोके में आश्रम शाला भवन (1 करोड़ 6 लाख रुपये) और गरांजी में एजुकेशन हब के अंतर्गत खेल मैदान (50 लाख रुपये) की घोषणा की गई।
जनप्रतिनिधियों के उद्बोधन
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्णायक नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद का पूर्ण अंत सुनिश्चित किया जाएगा। नारायणपुर जिला भी शीघ्र ही नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नारायणपुर को 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है और राज्य निरंतर प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान विश्वभर में विशिष्ट है। बस्तर पण्डुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
आत्मसमर्पित माओवादी नवदंपतियों को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद
मुख्यमंत्री ने बस्तर पण्डुम के दौरान आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण और प्राचीन धरोहरों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे चार नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके नवदाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।
इनमें ग्राम पोदावाड़ा की कमला गोटा–सुकलाल जुर्री, ग्राम कुर्सींग की सुशीला कोवाची–सन्नी सलाम, ग्राम पूसालामा की रीता कोवाची–मासो मंडावी तथा ग्राम डूंगा की कोसी मंडावी–अर्जुन सिंह शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी जोड़ों को समाज की मुख्यधारा में लौटने पर बधाई दी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
