छत्तीसगढ़ को मिली अपनी फिल्म सिटी की सौगात, सीएम साय ने किया चित्रोत्पला फिल्म सिटी का भूमिपूजन
छत्तीसगढ़ के फिल्म कलाकारों और फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के लिए शनिवार का दिन खास रहा। लंबे इंतजार के बाद अब राज्य को अपनी फिल्म सिटी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में प्रस्तावित चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विधिवत भूमिपूजन किया। यह फिल्म सिटी करीब 93 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी और इसका निर्माण दो चरणों में किया जाएगा।
सरकार ने पहले चरण के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छॉलीवुड सुपरस्टार एवं विधायक अनुज शर्मा और अभिनेता सुनील तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में लंबे समय से फिल्म सिटी की मांग की जा रही थी। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद इस दिशा में ठोस पहल की गई और नवा रायपुर के तूता क्षेत्र में इसके लिए भूमि चिन्हित की गई। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान और मजबूती मिलेगी।
चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। यहां हाईटेक स्टूडियो, आकर्षक आउटडोर शूटिंग लोकेशन, पोस्ट-प्रोडक्शन यूनिट, ऑडिटोरियम और होटल की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही एक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जहां अभिनय, नाटक, निर्देशन और प्रोडक्शन से जुड़ी विभिन्न विधाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी।
फिल्म सिटी में होंगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं
फिल्म सिटी परिसर में स्थायी शूटिंग सेट्स जैसे स्कूल, अस्पताल, जेल और पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा कृत्रिम नदी और पर्वत, कन्वेंशन सेंटर, जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र, ई-बस सेवा, रिसॉर्ट्स, आवासीय व्यवस्था, फूड कोर्ट, तालाब और उद्यान जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
नवा रायपुर की हरियाली और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यहां बॉलीवुड स्तर की शूटिंग संभव हो सकेगी। फिल्म सिटी के निर्माण से फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ी व हिंदी फिल्मों के लिए एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे बाहरी राज्यों में शूटिंग की जरूरत कम होगी।
सरकार का दावा है कि इस परियोजना से स्थानीय फिल्म निर्माताओं को तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार के नए अवसर और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को भी व्यापक पहचान मिलेगी।

