बस्तर का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित, पखांजूर में 284 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 16 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और इसके बाद बस्तर अंचल में विकास की गति और तेज़ होगी। मुख्यमंत्री आज कांकेर जिले के पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम में 284 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परलकोट क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने नए शिक्षा सत्र से बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके साथ ही संबलपुर से दुर्गूकोंदल होते हुए पखांजूर तक सड़क निर्माण, पखांजूर मंडी गेट से अंजाड़ी नाला तक गौरवपथ, मछली मार्केट से नर-नारायण सेवा आश्रम तक सीसी सड़क, शासकीय कन्या शाला मैदान में बाउंड्रीवॉल निर्माण, पखांजूर में फायर ब्रिगेड वाहन सेवा प्रारंभ करने तथा सिविल अस्पताल पखांजूर में धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्यों में स्वच्छता और पारदर्शिता के साथ विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों का अनुसरण करते हुए राज्य सरकार तेज़ी से विकास कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों की अल्प अवधि में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अब तक 8 लाख हितग्राहियों ने गृह प्रवेश कर लिया है। इसी तरह महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में नियद नेल्लानार, धरती आबा अभियान, पीएम जनमन जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे विकास कार्यों को गति मिली है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। वहीं मेहनतकश किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है।
कार्यक्रम को कांकेर सांसद भोजराज नाग और अंतागढ़ विधायक विक्रमदेव उसेण्डी ने भी संबोधित किया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री नर-नारायण सेवा आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के ध्येय से स्थापित यह आश्रम सेवा, आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाने का पुण्य कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने आश्रम के संस्थापक स्वामी सत्यानंद परमहंस के तैलचित्र एवं प्रतिमा का विधिवत पूजन किया।
इसके बाद उन्होंने पखांजूर के मुख्य मार्ग पर स्थित परकोट विद्रोह के क्रांतिकारी शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया।
इस अवसर पर विधायक आशाराम नेताम, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक मंतूराम पवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
