छत्तीसगढ़ उपमुख्यमंत्री ने भूपेश बघेल के खिलाफ सीबीआई छापेमारी को राजनीति से जोड़ने पर कांग्रेस की निंदा की,जानिए क्या कहा?
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साओ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई की छापेमारी को राजनीति से जोड़ रहे हैं। साओ ने कहा कि सीबीआई का यह कदम चल रही जांच का हिस्सा है, और केंद्रीय एजेंसियां कभी भी राजनीति के आधार पर कार्रवाई नहीं करतीं।
अरुण साओ ने कहा, “केंद्रीय एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और इनका काम राजनीति से बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होता है। जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, उस दौरान कई बड़े घोटाले हुए थे, जिनकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लगातार कर रहे हैं। आज सीबीआई छत्तीसगढ़ में 50 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी कर रही है, जिसमें कई आईपीएस अधिकारी, अन्य अधिकारी और राजनीतिक नेता भी शामिल हैं। यह छापेमारी सिर्फ एक व्यक्ति के घर पर नहीं हो रही है, बल्कि कई लोगों के घरों पर की जा रही है। ऐसे में कांग्रेस का इसे राजनीति से जोड़ना ठीक नहीं है।”
साओ ने यह भी कहा कि जब भी इस तरह की कार्रवाई होती है, कांग्रेस हमेशा इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से जोड़ देती है। उन्होंने कहा, “जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब कई बड़े घोटाले हुए थे, और अब सीबीआई और ईडी इन घोटालों की जांच कर रहे हैं। यह कार्रवाई राजनीति से बिल्कुल अलग है, और अगर सीबीआई जांच कर रही है तो भूपेश बघेल को इसे समर्थन देना चाहिए।”
सीबीआई और ईडी की कार्रवाई
सीबीआई ने हाल ही में भूपेश बघेल के आवासों पर छापेमारी की थी, जो महादेव सट्टा ऐप से जुड़े एक मामले से संबंधित थी। इस छापेमारी से पहले, 10 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के आवासों पर शराब घोटाले से संबंधित जांच के तहत छापेमारी की थी। ईडी ने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों, नेताओं और शराब व्यवसायियों का एक कार्टल सक्रिय था, जिसने 2019 से 2022 के बीच राज्य में शराब की बिक्री से लगभग 2,161 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की।
ईडी का कहना है कि यह घोटाला शराब की आपूर्ति श्रृंखला में छेड़छाड़ करने और सरकारी दुकानों के माध्यम से शराब की बिक्री और वितरण पर नियंत्रण करने के तरीके से चलाया गया था। एजेंसी ने इससे पहले कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार के अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ भी कई छापेमारी की थीं।
भूपेश बघेल का बयान
भूपेश बघेल की कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाली अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) की बैठक के लिए दिल्ली जा रहे थे, लेकिन इससे पहले सीबीआई ने उनके रायपुर और भिलाई स्थित आवासों पर छापेमारी की।
भूपेश बघेल के कार्यालय ने लिखा, “अब सीबीआई आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दिल्ली जाने वाले थे, जहां उन्हें ‘ड्राफ्टिंग कमेटी’ की बैठक में भाग लेना था, जो AICC बैठक के लिए अहमदाबाद में आयोजित होने वाली है। इससे पहले, सीबीआई रायपुर और भिलाई स्थित उनके आवास पर पहुंच गई।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भूपेश बघेल और कांग्रेस ने सीबीआई और ईडी की कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताते हुए इसे भाजपा द्वारा की गई राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियां विपक्षी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रही हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साओ ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई और ईडी की कार्रवाई पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष है। “यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है और इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है।”
इस मुद्दे पर अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में इस जांच का क्या परिणाम निकलता है, और क्या राजनीतिक माहौल में कोई नया मोड़ आता है।