125वीं ‘मन की बात’ का हुआ सामूहिक श्रवण, मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से किया विकसित छत्तीसगढ़ में भागीदारी का आह्वान
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का सीधा प्रसारण आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को जोड़ने और प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का हर संदेश लोगों में सकारात्मक सोच, राष्ट्रीय भावना और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक आपदाओं में एक-दूसरे की मदद करने की भारतीय संस्कृति की मिसाल दी। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में जो एकता और सहयोग हम दिखाते हैं, वही हमारी सामूहिक चेतना की असली पहचान है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को खेलकूद के प्रति प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुण भी विकसित करते हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने हाल ही में संपन्न जापान और दक्षिण कोरिया दौरे का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने तकनीकी क्षेत्रों जैसे कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स में कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं, जिनसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की रजत जयंती के इस अवसर पर हमें मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हर नागरिक सक्रिय रूप से भागीदार बने। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि स्वच्छता, विकास और जनकल्याण के कार्यों में सहयोग करते हुए छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाएं।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जब सरकार और जनता मिलकर कार्य करते हैं, तभी सशक्त और विकसित समाज का निर्माण संभव होता है।