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छत्तीसगढ़ में जनगणना की तैयारी तेज, दो चरणों में होगा सर्वे; पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ और राज्य जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।

अधिकारियों के अनुसार पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जो 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा।

पहली बार मिलेगी ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा

इस बार नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक लोग निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्रत्येक परिवार को एसई आईडी (Self Enumeration ID) जारी की जाएगी।

बाद में प्रगणक घर-घर पहुंचकर भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।

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पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल

मकान सूचीकरण के दौरान घर-घर सर्वे कर करीब 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, उपलब्ध सुविधाएं और परिवार से जुड़ी जानकारियां शामिल रहेंगी। पूरी जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में दर्ज की जाएगी।

किन विषयों पर होगी जानकारी

मकान से जुड़े प्रश्न

  • भवन नंबर
  • जनगणना मकान नंबर
  • फर्श, दीवार और छत किस सामग्री की बनी है
  • मकान का उपयोग (रहने, दुकान, अन्य)
  • मकान की स्थिति कैसी है

परिवार से जुड़े प्रश्न

  • परिवार के मुखिया का नाम
  • कुल सदस्यों की संख्या
  • मुखिया का लिंग
  • सामाजिक वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य)
  • मकान स्वामित्व या किराया
  • कमरों की संख्या
  • विवाहित जोड़ों की संख्या

सुविधाओं से जुड़े प्रश्न

  • पेयजल का स्रोत
  • पानी घर में है या बाहर
  • बिजली की उपलब्धता
  • शौचालय और उसका प्रकार
  • गंदे पानी की निकासी व्यवस्था
  • स्नानघर और रसोई की सुविधा
  • खाना पकाने का ईंधन

डिजिटल और संपत्ति से जुड़े प्रश्न

  • टीवी, रेडियो, मोबाइल, फोन
  • इंटरनेट सुविधा
  • कंप्यूटर या लैपटॉप
  • साइकिल, बाइक, स्कूटर
  • कार, जीप या वैन
  • परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला प्रमुख अनाज
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गलत जानकारी पर कार्रवाई संभव

अधिकारियों ने बताया कि जनगणना जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कराई जाएगी। सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय व नीतिगत उद्देश्यों के लिए होगा।

यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या सहयोग नहीं करता, तो कानून के तहत 1,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

62,500 अधिकारी-कर्मचारी होंगे तैनात

राज्यभर में जनगणना कार्य के लिए लगभग 62,500 अधिकारी और कर्मचारी लगाए जाएंगे। इनमें जिला अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।

सर्वे कार्य राज्य के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और करीब 19,978 गांवों में किया जाएगा। इसके लिए लगभग 49,000 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं।

टोल फ्री नंबर भी होगा जारी

जनगणना से जुड़े सवालों और सहायता के लिए 16 अप्रैल 2026 से टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया जाएगा।

प्रवासियों की गणना कैसे होगी

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी अन्य राज्य का व्यक्ति यदि छत्तीसगढ़ में नौकरी कर रहा है, तो उसकी गणना उसके मूल या स्थायी निवास स्थान पर की जाएगी।

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दूसरे चरण में जातिगत गणना

कार्तिकेय गोयल ने बताया कि आजादी के बाद यह देश की आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में जातिगत जनगणना भी शामिल की जाएगी।