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शिल्पशास्त्र में पीएचडीधारी भी ऐसे उत्कृष्ट डिजाईन नहीं उकेर सकते : राज्यपाल

रायपुर, 04 दिसम्बर 2018/ राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज कोंडागांव जिले में स्थित भेलवापदर में आयोजित शिल्प मेला में शामिल हुई। उन्होंने मेले में शिल्पकारों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों में बेलमेटल सहित अन्य कला-कृतियों का अवलोकन किया।

राज्यपाल ने वहां स्थित बेलमेटल शिल्प कार्यशाला में जाकर शिल्प के प्राथमिक स्तर से लेकर पूर्ण हो जाने तक की सभी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने कहा – यह उत्कृष्ट कारीगरी का बेजोड़ नमूना है। शिल्पशास्त्र में पीएचडीधारी भी ऐसा उत्कृष्ट डिजाईन नहीं उकेर सकते। 

शिल्प कार्यशाला में उपस्थित शिल्पकार मंशाराम बघेल ने शिल्प निर्माण की कच्ची सामग्री, विभिन्न कलाकृतियों के सांचो एवं गर्म भट्टी में तपाने की प्रक्रिया को राज्यपाल के समक्ष प्रदर्शन करके दिखाया।

राज्यपाल को शिल्पकारों ने बेलमेटल एवं टेराकोटा से निर्मित अलंकृत नंदीबैल, हाथी, सल्फीपेड़, वनवासी दंपति, सुसज्जित, दौड़ते हिरण जैसी प्रख्यात कलाकृतियों के अलावा पौराणिक आख्यान संबंधित निर्मित कलाकृतियों के संबंध में भी जानकारी दी।

राज्यपाल ने मृत्तिका (माटी) शिल्प एवं लौह शिल्प की कार्यशाला में कारीगरों की सराहना की। शिल्पकारों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह के रुप में कलाकृतियाँ भेट की।      

इस अवसर पर बस्तर संभाग के कमिश्नर धनंजय देवांगन, पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा, जिला कलेक्टर नीलकंठ टेकाम, पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुजूर उपस्थित थे।