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मुख्यमंत्री के जनदर्शन में जन-सैलाब उमड़ा

रायपुर, 4 सितम्बर 2014/ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलने आज सवेरे यहां उनके निवास पर ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर राज्य के सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल ग्राम मारडूम, विकासखंड लोहांडीगुडा, जिला बस्तर के सात वर्षीय बालक कुंदन बघेल के हृदय रोग का सम्पूर्ण इलाज सरकारी खर्च पर करने की स्वीकृति प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना के तहत अब इस बच्चे के हृदय का ऑपरेशन होगा और उसे नई जिन्दगी मिलेगी। कुंदन के माता-पिता आज उसेे लेकर राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री से मिलने उनके जनदर्शन कार्यक्रम में आए थे।
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मुख्यमंत्री को कुंदन के पिता देऊराम बघेल ने बताया कि वे रोजी-मजदूरी करते हैं। यह बालक पहली कक्षा में पढ़ता है। डॉक्टरों ने उसे हृदय रोग बताया है। हम लोग गरीबी के कारण इलाज और ऑपरेशन करवाने में असमर्थ हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें सहानुभूतिपूर्वक सुनी और उन्हें इलाज के लिए तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी। बालक के पिता ने मुख्यमंत्री को बस्तर के लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप का पत्र भी सौंपा, जिसमें श्री कश्यप ने आवेदक श्री बघेल द्वारा स्वास्थ्य विभाग को निर्धारित प्रारूप में दो माह पहले भेजे गए आवेदनों की फोटोकापी भी संलग्न कर मुख्यमंत्री से सहायता का आग्रह किया है। डॉ. रमन सिंह ने उनका यह पत्र स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को भेजकर श्री बघेल का आवेदन स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में मुख्यमंत्री को ग्राम सरवा (कटगी), विकासखंड कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा से आयी श्रीमती रागिनी शर्मा ने आवेदन में बताया कि उनके पति श्री पन्नालाल शर्मा किडनी की बीमारी से परेशान है। वे अपने पति को अपनी किडनी देना चाहती है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण किडनी प्रत्यारोपण का खर्च वहन करना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने उनका आवेदन संजीवनी कोष योजना के तहत तत्काल मंजूर कर दिया। डॉ. रमन सिंह ने आज के जनदर्शन में चिकित्सा सहायता के अनेक प्रकरणों को मंजूरी दी। उन्होंने जनदर्शन में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि मंडलों के आग्रह पर दस विभिन्न निर्माण कार्योें के लिए लगभग 35 लाख 50 हजार रूपए की स्वीकृति भी मौके पर ही प्रदान कर दी, जिनमें सी.सी. रोड, सामुदायिक भवन आदि के प्रस्ताव शामिल हैं। सवेरे दस बजे से प्रारंभ डॉ. सिंह का जनदर्शन देर दोपहर तक चलता रहा।
मुख्यमंत्री से जनदर्शन में कबीरधाम (कवर्धा) जिले के ग्राम ठाकुर टोला, विकासखंड बोड़ला से बैगा आदिवासियों के प्रतिनिधि मंडल ने भी मुलाकात की। उनके अलावा बालोद जिले के ग्राम सहगांव, (ग्राम पंचायत जाटादाह) विकासखंड डौंडीलोहारा के सरपंच श्री कुशल ठाकुर के नेतृत्व में आए ग्रामीणों ने सहगांव में बस स्टॉप निर्माण के लिए ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर यह कार्य ग्रामीण क्षेत्र विकास प्राधिकरण से तुरंत मंजूर कर दिया। बिलासपुर जिले के तिफरा से श्री चन्द्रकुमार तिवारी के नेतृत्व में आए नागरिकों ने तिफरा नगर पंचायत का दर्जा बढ़ाकर नगर पालिका बनाए जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कबीरधाम जिले के ग्राम गौरझूमर, विकासखंड सहसपुर लोहारा के चार किसानों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सर्वश्री चन्दूसिंह, लछनराम, सांवल राम और श्रीमती दुगदी बाई ने डॉ. सिंह को संयुक्त रूप से आवेदन सौंपकर बताया कि खेतों में सिंचाई नलकुप का खनन करवा चुके हैं। बिजली कनेक्शन के लिए उन्होंने संयुक्त रूप से आवेदन विद्युत वितरण कम्पनी को दिया है, लेकिन कम्पनी के स्थानीय अधिकारियों ने उनके खेतों का लाइन विस्तार के लिए 59 हजार रूपए का अतिरिक्त खर्चा बताया है और यह राशि जमा करने के लिए डिमांड नोट दिया है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ये किसान अतिरिक्त राशि जमा करने में सक्षम नहीं है। मुख्यमंत्री ने इसे असाध्य सिंचाई पम्प का प्रकरण मानकर इस अतिरिक्त राशि की स्वीकृति बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र विकास प्राधिकरण से प्रदान कर दी।
कोरबा जिले के ग्राम चिकनीपाली (ग्राम पंचायत गिधौरी) विकासखंड करतला से आए श्री कमेन्द्र कुमार और अन्य लोगों ने चिकनीपाली मोहल्ले में बिजली के ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने की जानकारी दी और कहा कि इसकी वजह से कम वोल्टेज की समस्या है। बच्चों को भी पढ़ने-लिखने में भी दिक्कत होती है। वहां पर अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने उनका आवेदन प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी को त्वरित कार्रवाई के लिए भिजवाया। ग्राम पंचायत बरीडीह, तहसील और जिला कोरबा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मिलकर बताया कि वहां के निराश्रित वृद्धजनों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में डाकघर द्वारा कटौती की जा रही है। डॉ. सिंह ने उनका आवेदन कोरबा के कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई के लिए भिजवाया। पैरामेडिकल तकनीशियन पाठ्यक्रम में प्रशिक्षित युवाओं के प्रतिनिधि मंडल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि यह पाठ्यक्रम राजधानी रायपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की स्व-शासी समिति द्वारा वर्ष 2001 से संचालित है। हर साल लगभग आठ सौ युवा इस पाठ्यक्रम में प्रशिक्षित होते हैं। अब तक लगभग दस हजार युवा इस पाठ्यक्रम में चिकित्सा उपकरणों के परिचालन का कार्य सीख कर प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की पैरामेडिकल काउंसिल में उनका पंजीयन भी हो चुका है, लेकिन विभागीय भर्ती नियम अब तक नहीं बनने के कारण उन्हें सरकारी अस्पतालों में नौकरी का अवसर नहीं मिल रहा है। प्रतिनिधि मंडल का कहना था कि अम्बेडकर अस्पताल सहित कई शासकीय अस्पतालों के नाक, कान, गला विभाग और अन्य विभागों के चिकित्सा उपकरणों के परिचालन में उन्हें सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए। डॉ. रमन सिंह ने उनका आवेदन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को भेजकर तत्काल उचित निराकरण के निर्देश दिए।
खल्लारी के विधायक श्री चुन्नीलाल साहू के नेतृत्व में कौड़िया सहकारी प्रक्रिया एवं विपणन संस्था (मार्केटिंग सोसायटी) पिथौरा, जिला महासमुंद के प्रतिनिधियों ने भी आज के जनदर्शन में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने डॉ. सिंह को ज्ञापन सौंपकर बताया कि संस्था द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज और शक्कर आदि का परिवहन किया जाता है, लेकिन वर्ष 2004 से अब तक परिवहन दर नहीं बढ़ायी गई है, जबकि विगत एक दशक में डीजल की किमत काफी बढ़ चुकी है। परिवहन दर नहीं बढ़ने के कारण  संस्था को आर्थिक कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव को त्वरित निराकरण के निर्देश जारी किए।

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