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परिवहन विभाग की 16 सीमावर्ती जांच चौकियां आज मध्यरात्रि से बंद

लोक निर्माण और परिवहन मंत्री श्री राजेश मूणत ने जीएसटी प्रणाली को ध्यान मंे रखते हुए राज्य में परिवहन विभाग की सोलह सीमावर्ती जांच चौकियों को 04 जुलाई की मध्य रात्रि 12 बजे से बंद किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ को बेरियर मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

श्री मूणत ने कहा-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी के माध्यम से एक देश, एक टैक्स और एक बाजार की अवधारणा को साकार किया गया है। सुगम और बाधा रहित व्यापार- व्यवसाय भी जीएसटी की प्राथमिता है। देश में एक जुलाई से जीएसटी कानून लागू हो चुका है। उसी परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सरकार ने परिवहन विभाग की सरहदी जांच चौकियों को बंद करने का निर्णय लिया है। वहां तैनात परिवहन विभाग के अधिकारियों को संबंधित आरटीओ कार्यालयों में अटैच किया जाएगा। बंद की जा रही सीमावर्ती परिवहन जांच चौकियों में पाटेकोहरा, छोटा मानपुर और मानपुर (जिला-राजनांदगांव), चिल्फी (जिला-कबीरधाम), खम्हारपाली और बागबाहरा (जिला-महासमुंद), केंवची (जिला-बिलासपुर), धनवार और रामानुगंज (जिला-बलरामपुर), घुटरीटोला और चांटी (जिला-कोरिया), रेंगारपाली (जिला-रायगढ़), शंख और उप जांच चौकी लावाकेरा (जिला-जशपुर), कोन्टा (जिला-सुकमा) और धनपूंजी (जिला-बस्तर) शामिल हैं।
श्री मूणत ने यह भी बताया कि ओव्हर लोड गाड़ियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उड़न दस्ते भी जांच करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि एक देश, एक टैक्स और एक बाजार की अवधारणा की सफलता के लिए बाधा रहित माल परिवहन की व्यवस्था जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापार व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए एक अप्रैल 2011 से वाणिज्यिक-कर जांच चौकियों को समाप्त कर दिया है। इसके बावजूद वर्ष 2011-12 में राज्य के वाणिज्यिक-कर राजस्व में 25 प्रतिशत से ज्यादा और इसके बाद के वर्षों में भी देश के अन्य राज्यों तथा जीडीपी ग्रोथ की तुलना में हमारे यहां राजस्व में वृद्धि हुई है। इससे यह आशंका निर्मूल साबित हुई है कि जांच चौकियों के माध्यम से ही कर-अपवंचन को रोका जा सकता है।
श्री मूणत ने कहा- बेरियर पर रोके जाने तथा जांच प्रक्रिया में समय लगने के कारण माल परिवहन से संबंधित वाहनों को गंतव्य तक पहुंचने में समय अधिक लगता है, फ्यूल की लागत बढ़ती है, इसके अलावा काफी मात्रा में फ्यूल व्यर्थ जाता है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इन सब बातों को देखते हुए जीएसटी प्रणाली के मद्देनजर अन्तर्राज्यीय परिवहन में किसी भी प्रकार की जांच चौकी के कारण होने वाली बांधाओं को समाप्त करना जरूरी है। सम्पूर्ण भारत को ‘एक आर्थिक क्षेत्र’ बनाने के लिए इसे चेकपोस्ट मुक्त बनाना भी जरूरी है। तभी सही मायनों में ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ तथा ‘मेक-इन-इंडिया’ की अवधारणा को सफल बनाया जा सकेगा। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की सोलह परिवहन सीमा जांच चौकियों को इसी उददेश्य से बंद करने का निर्णय लिया गया है। श्री मूणत ने यह भी बताया कि राज्य में इन सोलह सीमा जांच चौकियों से परिवहन विभाग को पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में पांच लाख 70 हजार वाहनों से 87 करोड़ रूपए का राजस्व समन शुल्क के रूप में मिला था। इन सोलह चेक पोस्ट से सरकार को सालाना 100 करोड़ रूपए का राजस्व मिलता था, लेकिन व्यापार व्यवसाय को सुगम बनाने, परिवहन सेवाओं को बाधा रहित बनाने और जीएसटी प्रणाली में एक देश, एक टैक्स और एक बाजार की अवधारणा को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग की सीमा जांच चौकियों को बंद किया जा रहा है।।

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