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ठाकुर प्यारे लाल सिंह छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान के प्रतीक: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास के साथ-साथ अपनी धरती की महान विभूतियों की गौरवपूर्ण जीवनगाथा की जानकारी होनी चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि उन पर केन्द्रित कार्यक्रमों से वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्रीय जीवन में अपने महान पूर्वजों के योगदान का पता चलता है और लोगों को उनसे प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने आज शाम यहां महादेव घाट मार्ग पर अश्वनी नगर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय ठाकुर प्यारेलाल सिंह की 125वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। मुख्य अतिथि की आसंदी से डॉ. रमन सिंह ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र, श्रमिक नेता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह राज्य और देश के स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उल्लेखनीय है कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह छत्तीसगढ़ में श्रमिक आंदोलन और सहकारिता आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से थे। वे तीन बार रायपुर नगर पालिका के अध्यक्ष भी निर्वाचित हुए। मुख्यमंत्री ने उनके 125वें जयंती समारोह में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने समारोह में ठाकुर प्यारे लाल सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित स्मृति ग्रंथ का भी लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा – ठाकुर प्यारे लाल सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के दौरान राजनांदगांव में कपड़ा मिल के हजारों मजदूरों को संगठित कर आंदोलन किया, जो 37 दिनों तक चला। उन्होंने छत्तीसगढ़ बुनकर सहकारी संघ की स्थापना की और असम के चाय बागानों में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूरों के आंदोलन का भी नेतृत्व किया। देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ उन्होंने स्थानीय रजवाड़ों के विलीनीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश की आजादी की लड़ाई और सामाजिक आंदोलनों में उनका योगदान अविस्मरणीय और प्रेरणादायक है।
समारोह का आयोजन राजधानी रायपुर के अश्वनी नगर स्थित महाराष्ट्रीय तेली समाज के भवन में हरिठाकुर स्मारक संस्थान द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री चुन्नीलाल साहू, हरिठाकुर स्मारक संस्थान के संरक्षक और पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय और संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री सम्मानित डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे। मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने ठाकुर प्यारेलाल सिंह की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार ठाकुर कन्हैया सिंह सहित ठाकुर प्यारे लाल सिंह विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती अनिता विश्वकर्मा और अध्यापिका श्रीमती गीताबाई को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय ने ठाकुर प्यारे लाल सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय ने स्वर्गीय ठाकुर प्यारेलाल सिंह से जुड़े अपने संस्मरण सुनाए। कार्यक्रम का संचालन हरिठाकुर स्मारक संस्थान के सचिव श्री आशीष सिंह ठाकुर ने किया। समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं प्रक्षेत्र विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, हरि ठाकुर स्मारक संस्थान के संयोजक श्री प्रभात मिश्रा और अन्य अनके प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

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