स्वत्व और स्वाभिमान का अद्वितीय प्रताप : ग्वालियर किले का जौहर
ग्वालियर किले में 1232 के जौहर का इतिहास, रानी तंवरी देवी और 1400 स्वाभिमानी नारियों के बलिदान का मार्मिक विवरण, स्वाभिमान और वीरता की गाथा।
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Read Moreदिल्ली के हुमायूँ के मकबरे परिसर में स्थित नाई का मकबरा एक अनदेखा लेकिन महत्वपूर्ण मुगल स्मारक है। इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व को जानें।
Read Moreवैश्विक और भारतीय राज्यों की अर्थव्यवस्थाएं बढ़ते ऋण और लोकलुभावन नीतियों के कारण गंभीर संकट की ओर बढ़ रही हैं। यह विश्लेषण बताता है कि “फ्रीबी” कल्चर कैसे आर्थिक दिवालियापन की स्थिति पैदा कर सकता है।
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Read More‘मतीरे की राड़’ और ‘बाल्टी के युद्ध’ जैसे ऐतिहासिक उदाहरण बताते हैं कि तुच्छ कारणों और अहंकार से भड़की जिद ने कैसे हजारों जिंदगियाँ लीं। यह आलेख इन घटनाओं से मिलने वाले शांति और संवाद के संदेश को विस्तार से प्रस्तुत करता है।
Read Moreवंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना का प्रतीक है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की कलम से निकला यह राष्ट्रगीत स्वाधीनता संग्राम के दौरान जन-जन की आवाज बना। शताब्दी वर्ष पर यह गीत आज भी भारत के सांस्कृतिक गौरव, एकता और मातृभूमि-भक्ति का प्रतीक है।
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