भाई-बहनों के मिलन और नारी शक्ति का प्रतीक है तीजा तिहार
तीजा तिहार छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व है, जो केवल धार्मिक व्रत नहीं बल्कि भाई-बहनों के स्नेह, पारिवारिक मिलन, सामूहिक आनंद और नारी शक्ति का उत्सव है।
Read Moreतीजा तिहार छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व है, जो केवल धार्मिक व्रत नहीं बल्कि भाई-बहनों के स्नेह, पारिवारिक मिलन, सामूहिक आनंद और नारी शक्ति का उत्सव है।
Read Moreलोक परंपरा के अनुसार, तीजा के अवसर पर बेटियों को साड़ी उपहार में दी जाती है। छत्तीसगढ़ में एक कहावत भी प्रचलित है: “मइके के फरिया अमोल”—यानि मायके से मिले कपड़े का टुकड़ा भी अनमोल होता है। इस दिन माताएँ अपनी बेटियों के लिए चूड़ियाँ, फीते और सिन्दूर भी लाती हैं। तीजा की इस अनोखी परंपरा को निभाने का महत्व छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में गहराई से बसा हुआ है।
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