“ज्ञान की बात” स्तंभ में जानिए रोजगार के लिए आवश्यक अहर्ताएँ ज्ञानेन्द्र पाण्डेय से

बढ़ती बेरोजगारी और महंगी होती गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ने मध्यम  वर्गीय परिवारों को एक चिरस्थाई घोर हताशा में ला खड़ा किया है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की जटिल प्रक्रियाओं ने जरूरतमंदों को ऐसे दोरस्ते पर ला खड़ा किया है जहाँ से या तो उन्हें सिर्फ काम चलाऊ अस्थाई रोजगार से काम चलाना पड़ता है।

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