क्राऊड फ़ंडिंग : स्वरोजगार के लिए पूंजी की व्यवस्था

हमने अपने स्वरोजगार के चयन के लिए पिछले भाग में कुछ उपायों के बारे में चर्चा की थी।  आज हम स्वरोजगार स्थापित करने से पूर्व पूंजी की व्यवस्था पर चर्चा करेंगे।  सामान्य रूप से किसी भी व्यापार  व्यवसाय की योजना उसके आवश्यक लागत की चर्चा और चिंता से शुरू होती है।
कोई भी उद्यमी जब अपने व्यापार एवं व्यवसाय की परिकल्पना को आकार देने की सोचता है तब बहुत सारी  तकनीकि  समस्याएं मष्तिष्क में आने लगती है जैसे व्यापार की स्थापना के लिए एक अच्छी व्यापार योजना एवं प्रारूप, बाजार का शोध एवं विश्लेषण, उत्पाद का चयन, ग्राहक वर्ग का निर्धारण आदि। परन्तु इस सबसे ऊपर जो समस्या होती है वह होती है पूंजी की।
सामान्य रूप से व्यापार व्यवसाय की स्थापना के लिए अधिकांश लोग परंपरागत तरीके से ही पूंजी जुटाना चाहते हैं जैसे बैंक से व्यावसायिक लोन लेना या एंजेल इन्वेस्टर्स तथा वेंचर कैपिटल फर्म्स की मदद से पूंजी निवेश करना। इस तरह नए व्यापार में पूंजी लगाने के सीमित साधन हैं। इन सभी उपायों से इतर आज हम बात करेंगे “Crowdfunding ” या जन सहयोग  की।
डिजिटल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आज कोई भी अपने व्यवसाय के लिए “Crowdfunding” का सहारा ले सकता है।  शुरुआत में “Crowdfunding” प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों की आर्थिक सहायता के लिए ही की जाती थी, परन्तु आज जरुरी मेडिकल सुविधाओं, पढाई, शोध तथा व्यापार की स्थापना के लिए भी “Crowdfunding” का सहारा लिया जा रहा है।
इसमें आप सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकते है और अपने व्यवसाय की स्थापना के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।  चूँकि यह जन सहायता असंख्य लोगों द्वारा आंशिक अनुदान के आधार पर प्राप्त होती है, आप सहजता से अपने व्यापर के लिए जरुरी पूंजी इकठ्ठा कर सकते है।  “Crowdfunding” किस प्रकार का हो यह आपके व्यवसाय तथा सेवा उपक्रम पर निर्भर करता है। “Crowdfunding” को मुख्य रूप से तीन प्राथमिक प्रकारो में विभाजित किया जा सकता है।
१. Donation Based Crowdfunding अर्थात दान आधारित: इस तरह की  “Crowdfunding” में आपको किसी भी निवेशक अथवा अंशदान देने वाले को कोई भी धन या मूल्य वापसी नहीं करनी होती यह पूरी तरह किसी भी देनदारी से मुक्त होता है।  इस तरह की  “Crowdfunding” प्राकृतिक आपदाओं की आर्थिक सहायता, धर्मार्थ, लाभ रहित (NON for profit) आदि कार्यों के लिए कर सकते हैं।
२. Reward Based Crowdfunding अर्थात उपहार आधारित: इस तरह की  “Crowdfunding” में आप अपने निवेशकों को किसी भी प्रकार के उपहार, इनाम, निशुल्क सेवाएं आदि देने की पेशकश करते हैं।  इस तरह की  “Crowdfunding” में शुरुआत से ही आपके पास निश्चित संख्या में ग्राहक होते है जिन्हे आप उनके आर्थिक सहायता के बदले निशुल्क सेवाएं, उत्पाद अथवा इनाम आदि दे सकते है।
३. Equity Based  Crowdfunding अर्थात अंश आधारित: यह Donation Based Crowdfunding तथा  Reward Based Crowdfunding से पूरी तरह भिन्न है।  Equity Based  Crowdfunding में पत्येक अंशदाता आपके व्यापार में एक अंशधारक होता है और अपने अंश के आधार पर व्यवसाय से निश्चित आय एवं लाभांश प्राप्त करता है।
Crowdfunding को समझने के लिए और इसको क्रियान्वित करने के लिए हम आगे देखेंगे की Crowdfunding का Ecosystem क्या है? Social Media के प्रभावी उपयोग से कैसे करें Crowdfunding. 
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ज्ञानेन्द्र पाण्डेय
प्रसिद्ध उद्यमिता सलाहकार

3 thoughts on “क्राऊड फ़ंडिंग : स्वरोजगार के लिए पूंजी की व्यवस्था

  • July 23, 2018 at 09:03
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    सर हिंदुस्तान के चप्पे चप्पे में लोग क्राउड फंडिंग से वाकिफ है 😄
    दसहरा को रावण पुतले का निर्माण, होलिका दहन, नवरात्रि गरबा आयोजन और गणपति उत्सव सब के सब क्राउड फंडिंग से ही मैनेज हो रहे है। हर मोहल्ले के टपकु के पास छपी छपाई रसीद बुक मिल जाएगी 🙂

    • July 23, 2018 at 09:05
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      क्षमा करें मैं केवल हास्य विनोद कर रहा हु। आपने अत्यंत लाभदायक जानकारी प्रदान की है और सही मायने में बड़े शेयर इश्यू करना तो बड़ी बड़ी कंपनियों की भी आवश्यकता है

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