Category archives for: लेख

फ़ोटो, कैमरा कुछ यादें कुछ बाते

ललित शर्मा, व्यक्तिचित्र से मानव का लगाव तब से रहा होगा,जिस दिन उसने अपनी शक्ल सबसे पहले पानी में देखी होगी। उसके मन में लम्हों को संजोने की इच्छा प्रगट हुई होगी। रंग मिले होगें तो रंगों ने उसके जीवन में रंग भरा होगा। जिस तरह प्रकृति ने रंग बिखेर रखे हैं उन्हे समेटने की […]

लिखावट पर भीषण खतरा

मेरा प्रथम परिचय फ़ाउंटेन पेन से तीसरी क्लास में हुआ था। लिखने के लिए बहुत ही गजब की चीज थी यह्। इससे पहले हम पेंसिल(बरती) से स्लेट पर लिखते थे और दिन में 20 बार मिटा देते थे। कभी मन में इच्छा होती थी कि पेन से लिखें। लेकिन पेन उस जमाने में एक लक्जरी […]

कौन है असली ‘भारत-रत्न’ ?

अखबारों में खबर है कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को देश का  सर्वोच्च सम्मान ‘भारत-रत्न’ देने की मांग फिर उठने लगी है . यह हमारी भारत-माता का दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है कि उसकी वर्तमान संतानें अपने उन महानं पूर्वजों को भूल गयी है , जिन्होंने उसे अंग्रेजों की गुलामी से आज़ाद कराने की लम्बी […]

पिज्जा बर्गर-बेरोजगारी-भ्रष्टाचार

अंग्रेजों से सत्ता लिए हमको 63 वर्ष पूर्ण हो गए, हम आजादी की 64 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। जिन उद्देश्यों को लेकर आजादी की लड़ाई हमारे पूर्वजों ने लड़ी थी। अपना खून बहाया था। माताओं ने अपने जवान बेटों का बलिदान दिया था। स्त्रियों ने अपने सुहाग एवं बच्चों ने अपने सरपरस्तों को खोया […]

इहे रेल नगरिया तू देख बबूआ

“साहब सिर्फ़ एक बर्थ दे दीजिए,छोटे बच्चे साथ में हैं,मुंबई तक जाना है, प्लीज”- एक यात्री काले कोट वाले साहब के सामने गिड़ गिड़ा रहा था। उसके पीछे 15 लोगों की लाईन और लगी हुई थी। टी टी साहेब गर्दन ऊंची किए पेट में हवा भर कर जवाब दे रहे थे- “कोई सीट खाली नहीं […]

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