हरियर छत्तीसगढ़ अभियान: बारिश में 7.58 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

रायपुर/ 16 जून 2014/ मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित बैठक में हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत इस वर्ष विभिन्न प्रजातियों के 7 करोड़ 58 लाख पौधे लगाने का विभागवार लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा वृक्षारोपण के लिए पिछले वर्षों के दौरान दिए गए लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित कार्य नहीं करने पर संबंधित उद्योगों पर नाराजगी जतायी और कहा कि अब अब स्वयं पौधे लगाने की स्वतंत्रता नहीं होगी। वे राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राज्य वन विकास निगम में रकम जमा कराएंगे। अब मुख्य सचिव स्वयं हर तीसरे माह में बैठक लेकर इसकी प्रगति की समीक्षा करेंगे। उल्लेखनीय है कि उद्योगों को पथ वृक्षारोपण के लिए वन विकास निगम में राशि जमा करने का विकल्प ऐच्छिक था, लेकिन मुख्यमंत्री ने आज की बैठक में इसे अनिवार्य कर दिया।

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डॉ सिंह ने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषण रहित बनाए रखना उद्योगों की भी सामाजिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी हरियर छत्तीसगढ़ अभियान को गंभीरता से लेने और अभियान के तहत लगाए जाने वाले पौधों की बेहतर देख-भाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पर्यावरण के लिए राज्य को और भी अधिक हरा-भरा बनाने की जरूरत बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों के लिए रोजगार और आमदनी का स्थायी जरिया पैदा करना भी हरियर छत्तीसगढ़ अभियान का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने नया रायपुर की सुन्दरता बढ़ाने और वहां पर्यावरण की दृष्टि से अगले चार वर्ष में 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य घोषित किया। मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा वृक्षारोपण अभियान में अपेक्षित रूचि नहीं लेने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की । बैठक में मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एन के असवाल सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य की औद्योगिक प्रतिष्ठानों और शासकीय विभागों द्वारा हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत की गई इस साल की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा पिछले वर्ष हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत पथ वृक्षारोपण के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति नहीं करने पर असंतोष व्यक्त किया। ज्ञातव्य है कि पिछले साल राज्य के 15 औद्योगिक प्रतिष्ठानों को 460 किलोमीटर लम्बे क्षेत्र में सड़कों के किनारे पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया था लेकिन आज की बैठक में वन विभाग की ओर से प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि इन उद्योगों ने सिर्फ 20 किलोमीटर में ही पौधे लगाए। इनमें से भिलाई इस्पात संयंत्र ने 50 किलोमीटर के लक्ष्य विरूद्ध केवल 10 किलोमीटर और लाफार्ज सीमेंट ने 20 किलोमीटर के लक्ष्य विरूद्ध सिर्फ 10 किलोमीटर में वृक्षारोपण किया। एनटीपीसी ने 25 किलोमीटर के लक्ष्य के विरूद्ध तीन लाख पौधों का ब्लाक वृक्षारोपण किया। शारडा एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड को 30 किलोमीटर, एसईसीएल को 70 किलोमीटरए एनएमडीसी को 50 किलोमीटर, हीरा गुप को 20 किलोमीटर, बाल्को को 60 किलोमीटर, जिंदल स्टील को 25 किलोमीटर, अल्ट्राट्रेक सीमेंट को 10 किलोमीटर, सेंचुरी सीमेंट को 25 किलोमीटर, मोनेट इस्पात को 20 किलोमीटर, प्रकाश इण्डस्ट्रीज को 30 किलोमीटर, अंबुजा सीमेंट को 10 किलोमीटर और एसीसी सीमेंट को 15 किलोमीटर में वृक्षा रोपण का लक्ष्य दिया गया था, जिसे उन्होंने पूरा नहीं किया। इनमें से सेंचुरी सीमेंट और मोनेट इस्पात ने बैठक में अपने द्वारा कुछ वृक्षारोपण किए जाने की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। मुख्यमंत्री ने इस पर गहरी नाराजगी जतायी और वन विकास निगम के अधिकारियों को कठोर शब्दों में निर्देश दिए कि वे उद्योगों के विगत वर्षों के लक्ष्यों के साथ इस वर्ष के लक्ष्य को जोड़कर पौधरोपण के लिए नए लक्ष्य दें और उनके साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्यपूर्ति कराएं और मुख्य सचिव को प्रगति प्रतिवेदन दें। उद्योगों द्वारा किए जाने वाले वृक्षारोपण का सत्यापन कलेक्टर अथवा अन्य सक्षम अधिकारी से कराया जाए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़कों के किनारे पौधा लगाने के लिए प्रति किलोमीटर 9 लाख रुपए की लागत आती है तथा प्रति किलोमीटर लम्बाई में दो हजार पौधे लगते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान अगले दस दिनों में इस दर से वन विकास निगम में राशि जमा कराएंगे। मुख्य सचिव स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे। बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव श्री एन बैजेन्द्र कुमार, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री एम के राउत, स्कूल शिक्षा सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव सहित प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एन के सिंह और वन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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