सुदूर अंचलों में निजी अस्पतालों को आकर्षित करने की तैयारी

रायपुर, 16 अगस्त 2016/ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के सुदूरवर्ती अंचलों में निजी क्षेत्र के अस्पतालों को आकर्षित करने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा बैठक में इस आशय के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों के शासकीय अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे हैं, इन प्रयासों के साथ-साथ इन क्षेत्रों में निजी अस्पतालों को भी अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री अजय चंद्राकर, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री एन. बैजेंद्र कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री अमित अग्रवाल, जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री संतोष कुमार मिश्रा, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रजत कुमार, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और स्वास्थ्य विभाग के संचालक श्री आर.प्रसन्ना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में अब तक प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों के पंजीयन का काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की सराहना करते हुए इन योजनाओं के अंतर्गत शतप्रतिशत परिवारों के पंजीयन का काम आगामी माह अक्टूबर 2016 तक पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्वास्थ्य बीमा योजना के हितग्राही परिवारों को एक वर्ष में पचास हजार रुपए तक की राशि के निःशुल्क इलाज की सुविधा अगले वर्ष माह जनवरी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बीमा योजना के माध्यम से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को अतिरिक्त तीस हजार रुपए तक की राशि के निःशुल्क इलाज की सुविधा भी जनवरी माह से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि  स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर और शहरी क्षेत्रों में वार्डवार शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रदेश में हर वर्ष लगभग 6 लाख परिवार इन योजनाओं के अंर्तगत चिन्हित शासकीय और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इस योजना में 277 शासकीय और 447 निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रभावित नारायणपुर, बीजापुर, जगदलपुर और सुकमा जिले में स्मार्ट कार्ड बनाने के काम में और तेजी लायी जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निजी अस्पतालों में मरीजों की सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना सहायकों की नियुक्ति बीमा कंपनी द्वारा की गयी है।

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