श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के हर संभव प्रयास: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री से भारतीय मजदूर संघ और राज्य कर्मचारी संघ के संयुक्त प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात

रायपुर, 02 फरवरी 2013/ मुख्यमंत्री  डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रदेश के विकास में श्रमिकों और कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार उनकी सभी समस्याओं के निराकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।  डॉ.  सिंह आज यहां अपने निवास पर भारतीय मजदूर संघ और छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के संयुक्त प्रतिनिधि मण्डल से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार की श्रमिक हितैषी और कर्मचारी हितैषी नीतियों के अनुरूप मजदूरों और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के उपायों पर विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधि मण्डल में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सत्येन्द्र दुबे और प्रदेश महामंत्री श्री योगेश दत्त मिश्रा तथा राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव सहित विभिन्न श्रमिक संघों के पदाधिकारी शामिल थे। संयुक्त प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया, जिन पर  डॉ. रमन सिंह ने गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
भारतीय मजदूर संघ की ओर से सौंपे गए सत्रह बिन्दुओं के ज्ञापन में श्रम विभाग की सलाहकार समितियों और अन्य समितियों का जल्द पुर्नगठन करने, प्रदेश के उद्योगों में कानूनी प्रावधानों के तहत समय-सीमा में कर्मचारियों की कर्म समितियों (वर्क कमेटियों) का गठन करने, ठेका श्रमिकों के लिए अलग से ठेका मजदूर कल्याण मण्डल का गठन करने, सफाई कामगार, हम्माल और निजी सुरक्षा गार्ड कल्याण मण्डल गठित करने, राज्य में सेवारत केन्द्रीय तथा राज्य शासन के कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए केन्द्रीय तथा राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केट एवं सेट) गठित करने, प्रदेश के समस्त श्रम न्यायालयों और औद्योगिक न्यायालयों को हाई कोर्ट के प्रशासकीय नियंत्रण में रखने, उद्योगों में श्रम कानूनों का पालन करवाने के लिए निरीक्षण दलों में श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ केन्द्रीय श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की संयुक्त कमेटियों का गठन करने जैसी मांगें शामिल हैं। ज्ञापन में मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए राज्य कर्मचारी मण्डल का गठन करने, राज्य के विभिन्न विभागों में सेवारत लेकिन छठवें वेतनमान से वंचित कर्मचारियों को जल्द छठवा वेतनमान दिलाने, मनेन्द्रगढ़ में श्रमिकों की जनसंख्या अधिक होने के कारण वहां ब्लड बैंक की स्थापना करवाने जैसी मांगें शामिल हैं। मुख्यमंत्री को इस मौके पर राज्य कर्मचारी संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में प्रदेश के सभी वर्गो के कर्मचारियों के लिए सात वर्ष, सत्रह वर्ष, चैबीस वर्ष और तीस वर्ष की सेवा में कम से कम चार पदोन्नत वेतनमान दिए जाने, नया रायपुर में आवास विहीन मंत्रालयीन कर्मचारियों तथा विभागाध्यक्ष कार्यालयों और अन्य कार्यालयों के कर्मचारियों को रियायती दर पर आवासीय भू-खण्ड दिलाने, का आग्रह किया गया है। राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संघ ने नया रायपुर में आवासीय भूमि प्राप्त करने के लिए सहकारी समिति गठित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके अलावा राज्य कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में महिला एवं बाल विकास विभाग में परियोजना अधिकारी के सभी रिक्त पदों पर विभाग के पर्यवेक्षक संवर्ग को पदोन्नत करने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने का भी अनुरोध किया गया है।
संयुक्त प्रतिनिधि मण्डल में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील किरवई, बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री एल.पी. कटकवार, स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के श्री विष्णु चन्द्राकर, भारतीय मजदूर संघ की महिला शाखा की अध्यक्ष श्रीमती लीला मोहन एंटी, भारतीय मजदूर संघ की भिलाई इस्पात संयंत्र इकाई के श्री देवेन्द्र कौशिक, एन.टी.पी.सी. मजदूर संघ के श्री शिवचरण कश्यप, रेल्वे मजदूर संघ के अध्यक्ष श्री शरद व्यौहार, कोयला मजदूर संघ के महामंत्री श्री शिवकुमार दुबे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की उपाध्यक्ष श्रीमती कमरूनिशा और महामंत्री श्रीमती संतोषी राजपूत तथा मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ की श्रीमती प्रमिला देवांगन सहित अनेक प्रतिनिधि शामिल थे।

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