मुख्यमंत्री ने किया नेशनल कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कान्सेप्ट्स का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ उभरता स्टार्ट-अप राज्य है, जहां नये विचारों के साथ साहसिक निर्णय लिए जाते हैं। प्रशासन, नेतृत्व सहित सभी सामाजिक क्षेत्रों में चाहे वह नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विकास से जुड़ा हो या स्वास्थ्य, शिक्षा का क्षेत्र हो, हर क्षेत्र में लीक से हटकर निर्णय लिए गए, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। मुख्यमंत्री ने आज शाम यहां श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल एण्ड टेक्नॉलाजी के परिसर में आयोजित नेशनल कन्वेशन ऑन क्वालिटी कंसेप्ट का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस चार दिवसीय अधिवेशन का आयोजन क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया के भिलाई चेप्टर द्वारा उद्योगों, सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों को देश और दुनिया के बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए राज्य शासन ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और लो कास्ट ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए परम्परा से हटकर आज की जरूरतों के मुताबिक निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नई इनोवेशन नीति और स्टार्ट-अप नीति अपनाई जा रही है। सामाजिक क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा परम्परा से हटकर लिए गए निर्णय की सफलता के संबंध में उन्होंने कहा-भूखे पेट कैप्सूल देकर व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार नहीं किया जा सकता। छत्तीसगढ़ जहां 40 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे है, जहां शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण की दर अधिक थी, वहां इन सभी में समग्र रूप से सुधार करने के लिए राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून लाकर प्रदेश के 60 लाख परिवारों को एक रूपए किलो की दर पर चावल, निःशुल्क आयोडाईज नमक और रियायती दर पर चना देकर लोगों के लिए दो वक्त के भरपेट भोजन का इंतजाम किया। इस योजना से स्वास्थ्य सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ, इस योजना की प्रशंसा सुप्रीम कोर्ट ने भी की। इसके साथ-साथ ही आंगनबाड़ियों और फुलवारियों में पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की गई।
मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता को प्रोत्साहित करने के लिए राजधानी रायपुर में किए गए इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में छत्तीसगढ़ के उद्योग और व्यापार की पहुंच दुनिया के बाजारों तक है। प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए उत्पाद की अच्छी गुणवत्ता, कम लागत, बेहतर कार्य संस्कृति और नये विचारों के साथ लगातार नवाचारों की जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में नवाचार नीति और स्टार्ट-अप परियोजना से प्रदेश के उद्योगों और शिक्षा संस्थानों को जोड़ने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि आज के इस आयोजन में रेल्वे, भिलाई इस्पात संयंत्र, राउरकेला संयंत्र, पारले कम्पनी सहित अनेक बड़ी कम्पनियां और शिक्षा संस्थान शामिल हो रहे हैं, जिन्हें एक-दूसरे से नवाचारों और गुणवत्ता में सुधार के उपायो से काफी कुछ सीखने को मिलेगा। निश्चित रूप से यह आयोजन छत्तीसगढ़ के उद्योगों, सेवा क्षेत्र और शिक्षा संस्थानों के लिए भी काफी लाभदायक साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश की आपार संभावनाएं हैं। आज छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। खनिज और वन संसाधन, गुणवत्तापूर्ण बिजली, कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता के साथ-साथ छत्तीसगढ़ देश के लगभग मध्य में स्थित है, जिसकी महानगरों और बंदरगाहों से सड़क, रेल और वायुमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी है। आज निवेशक छत्तीसगढ़ में पूंजी निवेश के लिए आने को इच्छुक है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के 450 संस्थानों की 1500 टीमें और लगभग साढ़े आठ हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न कम्पनियों द्वारा तकनीकी प्रदर्शनी और मॉडलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, क्यूसीएफआई के अध्यक्ष श्री एस.जे. कालोखे, पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक मित्तल, भिलाई चेप्टर के अध्यक्ष श्री वाय.के. डेगन, कार्यकारी निदेशक श्री डी.के. श्रीवास्तव, भिलाई चेप्टर के सचिव श्री जी.पी. सिंह, एसएसआईपीएमटी के चेयरमेन श्री निशांत त्रिपाठी और केपीएस के उपाध्यक्ष श्री आशुतोष त्रिपाठी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न संस्थाओं को अच्छी गुणवत्ता के लिए 5एस प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। क्यूसीएफआई के अध्यक्ष श्री एस.जे. कालोखे ने स्वागत भाषण दिया।

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