मनरेगा में लगातार दूसरे वर्ष सम्मानित हुआ छत्तीसगढ़

रायपुर, 02 फरवरी 2013/ राष्ट्रीय पुरस्कारों से लगातार सुसज्जित हो रहे छत्तीसगढ़ के मुकुट पर आज एक और नया मोरपंख सज गया। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में आज छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर (कांकेर) जिला पंचायत को तथा राजनांदगांव जिले की ग्राम पंचायत गातापार (विकासखण्ड छुईखदान) को महात्मा गांधी राष्ट्रीय गा्रमीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। यह लगातार दूसरा वर्ष है, जब छत्तीसगढ़ को मनरेगा में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। पिछले साल भी आज ही के दिन राज्य को यह गौरव प्राप्त हुआ था, जब प्रधानमंत्री के हाथों राज्य के सरगुजा जिला मनरेगा के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुआ था।
मनरेगा के आठवें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को इस योजना में वर्ष 2011-12 के श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए आज यह गौरव प्राप्त हुआ। कांकेर जिला पंचायत की ओर से वहां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीमसिंह और ग्राम पंचायत गातापार, जिला राजनांदगांव के सरपंच श्री मनमोहन वर्मा ने अपनी पंचायत के लिए यह पुरस्कार ग्रहण किया। राजनांदगांव कलेक्टर श्री अशोक अग्रवाल भी वहां मौजूद थे। छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला देश के उन सात जिलों में शामिल हैं, जिन्हें आज यह पुरस्कार दिया गया। इनमें आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, मेघालय, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ से एक-एक तथा तमिलनाडु से दो जिलों का चयन किया गया था। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ का ग्राम पंचायत गातापार देश की उन ग्यारह ग्राम पंचायतों में से एक है, जिन्हें आज इस योजना में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है।
इस मौके पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश सहित श्रीमती सोनिया गांधी और केन्द्र सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस उपलब्धि के लिए कांकेर जिले की जनता और ग्राम पंचायत गातापार के लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मनरेगा सहित विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं में छत्तीसगढ़ को अब तक प्राप्त कई राष्ट्रीय पुरस्कारों का श्रेय प्रदेश की आम जनता की मेहनत और शासन-प्रशासन की बेहतर कार्य संस्कृति को दिया जाना चाहिए। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज मनरेगा में प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि राष्ट्रीय योजनाओं में छत्तीसगढ़ सरकार का प्रदर्शन सराहनीय और श्रेष्ठ है, जिसके आधार पर केन्द्र के मूल्यांकन में कांकेर जिले का और जिला राजनांदगांव के ग्राम पंचायत गातापार का चयन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष भी आज के ही दिन छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले को मनरेगा में केन्द्र की ओर से नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
छत्तीसगढ़ को प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कारों की लम्बी सूची
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को विगत कई वर्षो से लगातार विभिन्न योजनाओं में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो रहे हैं। सर्वाधिक धान उत्पादन के लिए वर्ष 2010-11 का राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार भी छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुका है। यह पुरस्कार 16 जुलाई 2011 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ग्रहण किया था। प्रदेश सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कम्पनी को भी पिछले वर्ष मार्च 2012 में नई दिल्ली में तत्कालीन केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे के हाथों कोरबा के 500 मेगावाट के डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप बिजली संयंत्र को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए भी छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा दो जुलाई 2010 को चण्डीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राज्य सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों के घरों में निःशुल्क नल कनेक्शन देने के लिए संचालित भागीरथी नल-जल योजना को भी केन्द्र सरकार ने शहरी गरीबों के लिए संचालित योजनाओं में सर्वश्रेष्ठ मानकर 13 दिसम्बर 2011 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय शहरी विकास सम्मेलन में पुरस्कृत किया था। यह पुरस्कार प्रदेश के तत्कालीन नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री राजेश मूणत ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री कमलनाथ और शहरी गरीबी उप शमन मंत्री सुश्री सैलजा के हाथों ग्रहण किया था। राज्य शासन द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ उद्यानिकी मिशन को भी केन्द्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शरद पवार और केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉ. चरण दास महंत ने 17 फरवरी 2012 को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ उद्य़ानिकी मिशन को प्रशस्ति पत्र और ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया था।
मनरेगा में राष्ट्रीय पुरस्कार: जिला पंचायत कांकेर और ग्राम
पंचायत गातापार की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री के हाथों आज मनरेगा स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित जिला पंचायत कांकेर और ग्राम पंचायत गातापार को इस योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ऐसे जरूरतमंद परिवार के वयस्क सदस्य को, जो अकुशल श्रमिक के रूप में काम करने का इच्छुक हो, उसे एक वित्तीय वर्ष में कम से कम एक सौ दिनों का रोजगार देने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में पिछले वित्तीय वर्ष 2011-12 में इस योजना के तहत 153 प्रतिशत राशि खर्च कर ग्रामीणों को 145 प्रतिशत मानव दिवस का रोजगार दिलाया गया। योजना के तहत जिले में 101 करोड़ रूपए के रोजगार मूलक कार्य कराए गए, जिनमें बाइस हजार 351 परिवारों को सौ दिनों का रोजगार मिला। योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार का औसत 42 मानव दिवस है, जबकि छत्तीसगढ़ में 45 मानव दिवस है। इतना ही नहीं बल् िकांकेर जिले में योजना के तहत प्रत्येक परिवार को औसतन 58 मानव दिवस का रोजगार दिलाया गया, जो राज्य में सर्वाधिक है। इस अवधि में योजना के तहत उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में रोजगार प्राप्त करने वालों में महिलाओं का प्रतिशत 48.91 रहा। योजना के तहत भूमि समतलीकरण, कूप निर्माण, तालाब और डबरी निर्माण जैसे कार्यों में पुरूषों की तुलना में महिलाओं ने ज्यादा रोजगार हासिल किया।
यह भी बताया गया कि पुरस्कार के लिए चयनित कांकेर जिले में मनरेगा के तहत एक हजार 707 वन अधिकार मान्यता पत्र धारक हितग्राहियों के खेतों में भूमि समतलीकरण का कार्य कराया गया और दो हजार 020 वन अधिकार मान्यता पत्र धारक परिवारों को इंदिरा आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए भी सहायता दी गयी। इन सभी वन अधिकार मान्यता पत्र धारक हितग्राहियों के लिए भूमि समतलीकरण, डबरी, कुंआ निर्माण, तालाब निर्माण आदि से संबंधित कार्यों के लिए योजना के तहत लगभग पांच करोड़ 24 लाख रूपए मंजूर किए गए। इसके अलावा मनरेगा में 15 दिन से ज्यादा काम करने वाले श्रमिकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत स्मार्ट कार्ड जारी करने के मामले में भी उत्तर बस्तर (कांकेर) जिला वित्तीय वर्ष 2011-12 में पहले नम्बर पर रहा। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित ग्राम पंचायत गातापार (जिला राजनांदगांव) विकासखंड छुईखदान में मनरेगा के तहत वर्ष 2011-12 में कुल पंजीकृत 640 परिवारों में से 637 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया।

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