चंद्रशेखर साहू ने किया एकमुश्त अतिरिक्त पैकेज राशि का वितरण

रायपुर, 21 फरवरी 2013/कृषि म़ंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने आज नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम खंडवा में आयोजित समारोह में नया रायपुर क्षेत्र के भू-स्वामियों को एकमुश्त अतिरिक्त पुनर्वास पैकेज के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर ढाई लाख रूपए के मान से दी जा रही राशि के वितरण का शुभारंभ किया। एकमुश्त अतिरिक्त पुर्नवास पैकेज के तहत 4 हजार 735 भू-स्वामियों को 92 करोड़ 38 लाख रूपए की राशि का वितरण किया। इसी कड़ी में आज पहले दिन ग्राम खंडवा में आयोजित समारोह में कृषि मंत्री श्री साहू ने खंडवा और उपरवारा के दो सौ किसानों को लगभग साढ़े चार करोड़ रूपए की राशि वितरित की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने पिछले नवंबर माह में राज्योत्सव के दौरान नया रायपुर क्षेत्र में वर्ष 2006-07 से 2009-10 तक आपसी सहमति के आधार पर जमीन का विक्रय करने वाले भू-स्वामियों को एक मुश्त पैकेज के रूप में प्रदाय की गई राशि के अतिरिक्त प्रति हेक्टेयर ढाई लाख रूपए की दर से एकमुश्त अतिरिक्त पुनर्वास पैकेज की राशि देने की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा के अनुरूप कृषि मंत्री श्री साहू ने आज नया रायपुर क्षेत्र के ग्राम खंडवा में आयोजित समारोह में एक मुश्त अतिरिक्त पैकेज राशि वितरण कार्य का शुभारंभ करते हुए कहा कि नया रायपुर को नई राजधानी के अनुरूप विकसित करने की योजना में ग्राम खंडवा, उपरवारा, मुड़पार के लोगों का बहुत बड़ा योगदान है। इन गांवों को विकास में ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि खंडवा सहित विभिन्न गांवों में नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जो भी कार्य स्वीकृत किए गए हैं उनमें जल्द ही राशि उपलब्ध करायी जाएगी। इसी प्रकार नया रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यों में स्थानीय लोगों को योग्यता के अनुरूप काम उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री साहू ने खंडवा के 139 किसानों को 3 करोड़ 53 लाख रूपए और ग्राम उपरवारा के 70 किसानों को 95.25 लाख रूपए की राशि वितरित की। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक श्री महादेव कांवरे, सलाहकार श्री डी.सी.पाण्डेय और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
नया रायपुर विकास प्राधिकरण के सलाहकार श्री डी.सी. पाण्डेय ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2006-07 से 2009-10 तक आपसी सहमति के आधार पर भूमि का विक्रय करने वाले 4735 भू-स्वामियों को पूर्व में एकमुश्त पैकेज के अलावा ढाई लाख रूपए प्रति हेक्टेयर के मान एक मुश्त अतिरिक्त पुर्नवास पैकेज राशि के तहत से कुल 92 करोड 38 लाख रूपए की राशि वितरण 31 मार्च 2013 तक किया जाएगा। इन भू-स्वामियों से 3695.029 हेक्टेयर भूमि क्रय की गई थी। अबतक एक मुश्त पुर्नवास पैकेज के अंतर्गत लगभग पांच करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नया रायपुर क्षेत्र के 35 गांवों में 14 फरवरी 2013 तक आपसी सहमति से भूमि क्रय के माध्यम से 6274 रजिस्ट्रियों के माध्यम से 4831.231 हेक्टेयर भूमि क्रय की गई है। क्रय की गई भूमि के लिए 815 करोड़ रूपए का भुगतान भू-स्वामियों को किया गया है। इसके अलावा एकमुश्त पैकेज के तहत 43 करोड 15 लाख रूपए भू-स्वामियों को दिए गए हैं। इनमें वर्ष 2006-07 एवं 2007-08 में भूमि विक्रय करने वाले भू-स्वामियों को 05 प्रतिशत, 2008-09 में भूमि विक्रय करने वाले भू-स्वामियों को 10 प्रतिशत एवं वर्ष 2009-10 में भूमि विक्रय करने वाले भू-स्वामियों को 20 प्रतिशत राशि का एकमुश्त पैकेज दिया गया है। इसके साथ ही उनकी भूमि पर विभिन्न परिसम्पत्तियों के मुआवजे के रूप में 18 करोड़ 39 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।
नया रायपुर विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक श्री महादेव कांवरे ने बताया कि पुर्नवास योजना के तहत प्रभावित गांवों के 1226 युवाओं को राजमिस्त्री, प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन और कम्प्यूटर के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में राखी गांव के 30 युवाओं को नर्सिग का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। प्रशिक्षणार्थियों के शतप्रतिशत प्लेसमेंट भी कराया जाएगा। स्वरोजगार के लिए की जा रही पहल के तहत 483 युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि खंडवा में एक करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यो की स्वीकृति दी गइ्र्र है। ग्राम कयाबांधा के लिए बनाए गए विलेज डेवलपमेंन्ट प्लान में सात करोड़ रूपए के कार्य लिए जा रहे हैं। प्रारंभ में लेयर वन के तेरह गांवों के लिए विलेज डेवलपमेंन्ट के तहत कार्य लिए जाएंगे इसके बाद अन्य गांवों के लिए प्लान बनाया जाएगा। राखी गांव में बनाए गए दुकान में पचास प्रतिशत दुकाने प्रभावित क्षेत्र के लोगों को आवंटित की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.