सूखे से निपटने व्यापक तैयारियाँ

रायपुर, 07 जुलाई 2014/ कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अजय सिंह ने आज मंत्रालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर अवर्षा की वर्तमान स्थिति में प्रदेश में खेती-किसानी की हालत की गहन समीक्षा की। श्री सिंह ने धान बोनस वितरण, बारिश तथा खरीफ फसलों की बोनी, खाद-बीज की उपलब्धता तथा मौसम आधारित फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने फसल बीमा योजना के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें प्रत्येक दस किलोमीटर पर मौसम केन्द्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इन मौसम केन्द्रों में जरूरी आंकड़ों का संकलन आधुनिक उपकरणों के जरिए किया जाएगा। श्री सिंह ने अधिकारियों को इन केन्द्रांे की स्थापना के लिए तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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कृषि उत्पादन आयुक्त ने सबसे पहले किसानों को धान बोनस वितरण की स्थिति की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने अपेक्स बैंक के प्रतिनिधियों को हर हाल में 15 जुलाई तक बोनस चेक का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपेक्स बैंक के अधिकारियांें ने बताया कि बोनस की प्रथम किश्त की पूरी राशि बैंक के खाते में जमा हो गई है। सभी जिलों में किसानों को चेक देने की कार्रवाई चल रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल से छत्तीसगढ़ राज्य कृषि एवं बीज विकास निगम में पंजीकृत धान बीज उत्पादक किसानों को भी बोनस दिया जा रहा है। इस साल ऐसे किसानों को लगभग 18 करोड़ रूपए का बोनस बांटा जाएगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने खेती-किसानी के हालात का ब्यौरा अधिकारियों से लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अवर्षा कीे इस स्थिति में किसानों को अधिक से अधिक सम-सामयिक सलाह दी जाए। इसके लिए प्रचार-प्रसार के सभी माध्यमों का उपयोग किया जाए। उन्होंने विभिन्न खरीफ फसलों के लिए बीज की उपलब्धता के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में धान की दोबारा बोनी की स्थिति आने पर भी धान बीज की पर्याप्त आपूर्ति की सकती है। कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में अभी खेतों में नमी नहीं है, वहां धान की बोनी नहीं करनी चाहिए। मानसून में विलम्ब के चलते अब धान की मध्यम अवधि की किस्में बोने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग के पास मध्यम अवधि के एम.टी.यू.-1010  धान के पर्याप्त बीज उपलब्ध है। कृषि वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि जिन किसानों के पास धान बीज है, वे नमक के घोल से उपचारित कर बीज का उपयोग कर सकते हैं।
मौसम आधारित फसल बीमा योजना के लिए तय एजेंसियों के प्रतिनिधियों द्वारा दी गई जानकारियों के अनुसार प्रदेश में मौसम केन्द्रों की स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके अलावा इस योजना के क्रियान्वयन के लिए दिए गए निर्देशों के अनुरूप जरूरी कार्रवाई भी साथ-साथ की जा रही है। बैठक में मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री अविनाश चम्पावत, संचालक खाद्य विभाग श्री आर. प्रसन्ना, कृषि एवं बीज विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अमृत खलखो, संचालक कृषि श्री पी.आर. कृदत्त, भारतीय मौसम विज्ञान केन्द्र लालपुर (रायपुर) के निदेशक डॉ. एम.एल. साहू, संचालक अनुसंधान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय डॉ. जे.एस. उरकुरकर, कृषि विभाग के उप सचिव श्री प्रदीप दवे, अवर सचिव श्री विनोद वर्मा सहित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर,अपेक्स बैंक तथा मौसम आधारित फसल बीमा योजना के लिए नियुक्त एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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