ओबामा और महाघाघ हिंदी ब्लागर की शिखर वार्ता

ओबामा ने उड़न खटोले से उतरते ही सबसे पहले संतरी से पूछा—“यहां इंडिया में ताऊ नाम के महाघाघ ब्लागर रहते हैं, क्या आप उन्हे जानते हैं?

हमें तो राज काज से ही फ़ुरसत नहीं मिलती, अब ताऊ का पता कहां से करें?

ओबामा – अरे आप ताऊ को नहीं जानते? मशहूर महाघाघ हिन्दी ब्लागर हैं। उनके नाम के डंके तो पुरी दुनिया में बजते हैं। मुझे उनसे मिलना है। सबसे पहले हम ताऊ के साथ हिन्दी ब्लागिंग पर चर्चा करेगें फ़िर आपके साथ शिखर वार्ता होगी।

बस क्या था, पीएमओ से ताऊ तक दौड़ लगाई गयी। ताऊ इधर बिग बॉस में घास छील रहे थे फ़ावड़ी लेकर। दूत पहुंचा ताऊ को राम राम किया और कहा-“अमेरिका के राष्ट्रपति आपसे मिलकर हिन्दी ब्लागिंग पर वार्ता करना चाहते हैं, आप चलिए।

ब्लागर्स बिग बास में घास छीलते हुये ताऊ

ताऊ बोले – हम भी ब्लाग जगत के महाघाघ ब्लागर है अगर उन्हे वार्ता करनी है तो हमारे महल में पधारें। अभी हमें ब्लागिंग की घास छीलने से फ़ुरसत नही है। दूत संदेश लेकर चला गया। बात आखिर हिन्दी ब्लागिंग की थी यहां तो अच्छे अच्छों के घुटने टिक जाते हैं, ओबामा क्या चीज है। आखिर थक हार कर ओबामा को ही ताऊ के पास आना पड़ा।

ताऊ तब तक घास काट कर अपनी खटिया पर बैठकर हुक्का गुडगुडाने लग गया था कि वहां ओबामा आ पहुंचे और ओबामा के साथ ताऊ की शिखर वार्ता शुरु हो गई। राम प्यारे ने ताऊ चैनल पर इसका सीधा प्रसारण शुरु कर दिया।

ओबामा बोले – ताऊ राम राम, आपकी ब्लागिंग कैसी चल रही है? मैने हिन्दी ब्लागिंग में आपके बहुत चर्चे सुने हैं। इसलिए मिलने आया हूँ।

ताऊ बोले – ओबामा जी हमारी हिन्दी ब्लागिंग धड़ल्ले से चल रही है। हिन्दी सेवा चल रही है। हिन्दी के पैरोकार हैं। आप सुनाईये आपकी ब्लागिंग कैसी चल रही है?

ओबामा – ब्लागिंग तो मैं भी करता हूँ लेकिन जितने कमेंट का आपका रिकार्ड है उतने कमेंट तो मुझे कभी नहीं मिले, ऐसा क्या किया जाए जिससे आपके ब्लाग के जितने ही कमेंट मुझे भी मिले.. और अनामी बेमामी कमेंट्स से कैसे निपटा जाये? यानि टिप्पणी प्रबंधन के बारे में कुछ सलाह दीजिए।

ताऊ बोले – भाई ओबामा जी ज्यादा कमेंट पाना, बेनामी कमेंट से निपटना, हाथीपछाड कमेंट, बंदरपछाड कमेंट, घोडापछाड यानि सब तरह के कमेंट प्रबंधन से निपटना हम आपको सीखा सकते हैं…ये कौन सी बड़ी बात हैं? बस आप हिन्दी ब्लागिंग शुरु करें आपको सारे गुर सीखा दिए जाएंगे। ये हमारा वादा है और यूं भी इन पर हमारा पेटेंट है …कुछ रायल्टी वगैरह तय हो जाये तो यह तकनीक आपको ट्रांसफ़र कर दी जायेगी।

ओबामा – तो यह सब सीखने के लिए हिन्दी ब्लागिंग शुरु करनी पड़ेगी?

ताऊ बोले – हां ब्लागिंग की सारी तकनीक हिन्दी ब्लागिंग में ही हैं। सबसे ज्यादा अविष्कार और अन्वेषण यहीं हुए हैं। ब्लागिंग के स्वनाम धन्य असली मठाधीश ब्लागर भी हिंदी ब्लागिंग में ही हैं। जब आप हिंदी ब्लागिंग शुरू करेंगे तब अपने आप जान जाएगें।

ताऊ, ;ललित शर्मा, अजय झा एवम माननीय ओबामा जी शिखर वार्ता करते हुये।
बायें रामप्यारे, ताऊ-टीवी के लिये प्रसारण करते हुये

ओबामा – ताऊ, एक काम करिए हम अपने सारे अंग्रेजी ब्लागरों को तकनीकि ज्ञान सिखाने हिन्दी ब्लागरों के पास भेज देते हैं, इसके लिए एक परियोजना बनाईए और हम उसे वर्ड बैंक से अनुदान दिला देते हैं।

ताऊ – वाह ये तो आपने मेरे मन की बात कह दी, हमें तो अनुदान के नाम पर आज तक कभी हिंदी ब्लागर सम्मेलन के रिटर्न रेल्वे टिकट के पैसे भी नही मिले, और पैसे की तो बात कहां से करें, उसका निमंत्रण तक नही मिला। और वैसे भी आपके अमेरिकी डालर में दम है। आते ही गर्मी आ जाती है। अब मैं भी आपका डालर मेरे अपने वालों को ही रेवडी की तरह बांटूंगा, जैसे वो सम्मेलन् की रेवडियां अपने वालों को ही बांटते हैं।

ओबामा – ताऊ अब आप ये रेवडियां क्या बांटने लग गये? ये रेवडियां क्या चीज होती है?

ताऊ – अजी ओबामा जी, यही रेवडियां तो असली हिंदी ब्लागिंग की जान हैं? मतलब रेवडी किसी और की, बांटने वाला कोई और..खाते हुये दिखेगा कोई और, और असल में खा जायेगा कोई और। खैर ये सब तो मैं आपके अंगरेजी ब्लागर्स को सिखा ही दूंगा…आप चिंता नही करें…आप तो शिखर वार्ता को आगे बढाईये।

ओबामा – जरूर जरूर ताऊ, हमको आपसे ऐसी ही उम्मीद है कि आप हमारे अंगरेजी ब्लागर्स को ट्रेंड करके ही छोडेंगे.. तो ऐसा करते हैं कि एक एक हिन्दी ब्लागर के पास 20-20 अंग्रेजी ब्लागर को भेज देते हैं ब्लागिंग का क्रेश कोर्स कराने के लिए। इससे हिन्दी ब्लागरों को ब्लागिंग से कमाई भी हो जाएगी।

ताऊ – जरुर जरुर हमारे पास हिन्दी के बहुत से फ़ुल टाईम ब्लागर हैं। कुछ ऐसे भी ब्लागर हैं जो ऑफ़िस में काम कम और ब्लागिंग ज्यादा करते हैं, उनके पास शाम की ट्युशन के लिए भेज देंगे। आप भी क्या याद करेंगे कि हम आपके अंग्रेजी ब्लागरों को फ़ुल टुश ट्रेन्ड कर देंगे। फ़िर देखना अंग्रेजी ब्लागिंग में भी हिन्दी ब्लागिंग के मजे आने लगेगें। यानि खांटी ब्लागिंग आनंद।

ओबामा – अभी मेरे पास समय कम है आप एम ओ यु साईन कर लें बाकी बाते बाद मे हो जाएंगी।

अंग्रेजी ब्लागिंग की दशा और दिशा सुधारने के लिए महाघाघ ब्लागर ताऊ के साथ ओबामा ने एम ओ यू साईन किया। इस तरह शिखर वार्ता संपन्न हुई।

(फ़ोटो-ताऊ टीवी के फ़ोटोगार से) एक निर्मल हास्य

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Posted by on Jan 9 2011. Filed under व्यंग्य. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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