आदिवासी इलाकों में छोटी सिंचाई योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. रमन सिंह

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों में छोटी सिंचाई परियोजनाओें को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को इस प्रकार की सर्वेक्षित और प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं के निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कल शाम यहां अपने निवास पर छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 24वीं बैठक में जल संसाधन विभाग के काम-काज की समीक्षा करते हुए इस आशय के निर्देश दिए।
उन्होंने बैठक में कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों सहित अन्य आदिवासी इलाकों में किसानों की सुविधा और उपयोगिता की दृष्टि से स्टॉप डेम जैसी छोटी सिंचाई परियोजनाएं काफी महत्वपूर्ण होंगी। इनके जरिए स्थानीय स्तर पर कम लागत में अधिक से अधिक रकबे में सिंचाई की जा सकती है। साथ ही भू-जल स्तर बढ़ाने और निस्तारी सुविधा के लिए भी ऐसी परियोजनाएं काफी उपयोगी होती है। सिंचाई योजनाओं से भू-जल स्तर बढ़ने पर जहां जमीन की उत्पादकता बढ़ती है, वहीं गांवों की अर्थव्यवस्था में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बैठक में जांजगीर-चाम्पा जिले के अंतर्गत महानदी  पर प्रस्तावित कलमा और बसंतपुर बैराज निर्माण्ा के बारे में भी विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक में राजनांदगांव जिले में शिवनाथ नदी पर जल प्लावन आधारित परियोजना की संभावनाओं के बारे में भी विचार-विमर्श किया। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री हेमचंद यादव, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री पी.जॉय उम्मेन, प्रमुख सचिव जल संसाधन श्री एन.के. असवाल, प्रमुख सचिव वित्त श्री अजय सिंह और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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